
Ahmedabad News: गुजरात में मानसून के बीच जलाशयों के जलस्तर को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य के सभी 206 जलाशयों में फिलहाल औसतन 41.14% जल भंडारण उपलब्ध है। पिछले वर्ष की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम है। 15 जुलाई 2025 तक राज्य के बांधों में औसतन 59% जलभराव दर्ज किया गया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि गुजरात की जीवनरेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर बांध में जलस्तर बढ़कर 65.22% पहुंच गया है, जिससे आने वाले समय के लिए उम्मीद जगी है।
106 जलाशयों में 25% से भी कम पानी, 12 बांध हाई अलर्ट पर
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के केवल 5 जलाशय पूरी तरह (100%) भर चुके हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण 12 बांधों को हाई अलर्ट, 2 बांधों को अलर्ट और 11 जलाशयों को वॉर्निंग श्रेणी में रखा गया है।
जलभराव की स्थिति:
- 70% से 100%: 20 जलाशय
- 50% से 70%: 25 जलाशय
- 25% से 50%: 50 जलाशय
- 25% से कम: 106 जलाशय (सबसे अधिक चिंता का विषय)
पिछले साल की तुलना में कम हुई बारिश
पिछले वर्ष 15 जुलाई तक गुजरात में मानसून की लगभग 50% से अधिक बारिश हो चुकी थी, जिसके कारण अधिकांश जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा हो गया था। उस समय मध्य गुजरात के जलाशयों में 63.51% और सौराष्ट्र में 63.33% जलभराव दर्ज किया गया था। इस वर्ष दोनों क्षेत्रों में जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है।
कच्छ में सबसे गंभीर जल संकट
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष सबसे कम वर्षा कच्छ में हुई है, जिसके चलते वहां जल संकट गहराने लगा है। कच्छ के जलाशयों में फिलहाल केवल 24.38% पानी शेष है।
क्षेत्रवार जलस्तर:
- मध्य गुजरात: 48%
- दक्षिण गुजरात: 41%
- उत्तर गुजरात: 39%
- सौराष्ट्र: 39%
- कच्छ: 24.38%
