
Ahmedabad Firecracker Factory Blast: अहमदाबाद के वस्ट्राल-गतराड रोड स्थित महमूदपुरा नहर के पास खुले खेत में अवैध रूप से संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। महज 10 सेकंड के भीतर हुए इस विस्फोट में पूरा शेड हवा में उड़ गया। हादसे में एक ही परिवार की महिला और उसके चार मासूम बच्चों समेत कुल 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका उपचार जारी है।
CCTV में कैद हुई 10 सेकंड की तबाही
पुलिस को मिले CCTV फुटेज के अनुसार, दोपहर 3:54 बजे शेड के एक कोने से हल्की चिंगारी उठती दिखाई दी। चिंगारी देखते ही अंदर मौजूद दो लोग बाहर भागे, लेकिन अगले कुछ ही सेकंड में 3:55:04 बजे जोरदार विस्फोट हुआ और पूरा शेड मलबे में तब्दील हो गया।
विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौड़ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका है कि रसायनों या चप्पल के घर्षण से उत्पन्न चिंगारी के कारण पोटैशियम, सल्फर और अन्य रासायनिक मिश्रण में विस्फोट हुआ।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में दाहोद जिले के इटाड़ी गांव निवासी रमिलाबेन चारेल और उनके चार बच्चों रिंकू, शिवानी, रविना और विरल की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार के मुखिया भरत चारेल लगभग 40 प्रतिशत झुलस गए हैं। उन्होंने अपनी आंखों के सामने पत्नी और चारों बच्चों को खो दिया।
अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि आगामी गणेशोत्सव के लिए कोठी और मिर्ची बम बनाने का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद इस फैक्ट्री को अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
नियमों के अनुसार एक स्थान पर 15 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति नहीं होती, लेकिन जांच में फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील और विस्फोटक रसायन रखे जाने की बात सामने आई है।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
हादसे के समय फैक्ट्री संचालक मेहुल डोडिया और उसकी मां खुले खेत में होने के कारण बच गए। घटना के बाद फरार हुए मुख्य आरोपी मेहुल डोडिया, उसकी मां रमिलाबेन और साझेदार सादिक सैयद को रामोल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
