ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच तेल आपूर्ति पर नया संकट: भारत-चीन जा रहे सऊदी तेल टैंकरों ने बदला रास्ता

Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बाद अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य भी जोखिम में आ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद सऊदी अरब से भारत और चीन के लिए कच्चा तेल लेकर रवाना हुए टैंकरों ने अपना निर्धारित मार्ग बदल दिया।

हूती विद्रोहियों की चेतावनी के बाद टैंकरों ने बदला मार्ग

रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से भारत और चीन के लिए रवाना हुए तेल टैंकर बाब-अल-मंदेब के रास्ते हिंद महासागर में प्रवेश करने वाले थे। हालांकि, हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद इन जहाजों ने यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर रुख कर लिया। इससे उनकी यात्रा लंबी हो जाएगी और तेल आपूर्ति में देरी की आशंका बढ़ गई है।

सऊदी तेल निर्यात पर बढ़ा दबाव

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा करते हुए शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि सऊदी तेल लोड या अनलोड करने वाले जहाजों पर हमला किया जा सकता है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के कारण सऊदी अरब रेड सी के यानबू बंदरगाह के जरिए तेल निर्यात बढ़ा रहा था, लेकिन अब यह वैकल्पिक मार्ग भी जोखिम में आ गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि अमेरिकी पेट्रोल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि समुद्री मार्गों पर तनाव और बढ़ा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और महंगी हो सकती है।

ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा किया गया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।

ईरान पर अमेरिकी हमले जारी

इस बीच अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात भी ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हमले जारी रखे। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान सहित दक्षिण-पूर्वी शहरों चाबहार, कोनार्क और बुशेहर में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। वहीं, दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

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