
Gujarat Kharif Sowing 2026: गुजरात में खरीफ सीजन की शुरुआत में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बुवाई की रफ्तार धीमी रही। हालांकि, पिछले सप्ताह राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई छिटपुट बारिश से किसानों को राहत मिली है। 20 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में खरीफ फसलों की 50.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है, जो औसत 85.30 लाख हेक्टेयर के मुकाबले लगभग 60 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 58.39 लाख हेक्टेयर (68.44 प्रतिशत) क्षेत्र में बुवाई हो चुकी थी। इस तरह इस वर्ष बुवाई का रकबा पिछले साल की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत कम है।
मूंगफली की बुवाई में देरी
सामान्य परिस्थितियों में इस समय तक मूंगफली की बुवाई लगभग पूरी हो जाती है, लेकिन इस वर्ष मानसून की देरी के कारण अब तक 16.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हुई है, जो सामान्य लक्ष्य का 86 प्रतिशत है।
सोयाबीन की बुवाई सबसे आगे
राज्य में विभिन्न फसलों की बुवाई की स्थिति इस प्रकार है:
- सोयाबीन: 88.49 प्रतिशत बुवाई पूरी।
- कपास: 18.76 लाख हेक्टेयर में लगभग 79 प्रतिशत बुवाई।
- मक्का: 2.19 लाख हेक्टेयर में 78 प्रतिशत बुवाई।
- धान: प्रमुख खाद्यान्न फसल होने के बावजूद अब तक केवल 25 प्रतिशत बुवाई हो सकी है।
बारिश से बढ़ी किसानों की उम्मीदें
सौराष्ट्र, कच्छ और राज्य के अन्य हिस्सों में मूंगफली, कपास, सोयाबीन, धान, मक्का और तुअर जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई जारी है। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों को उम्मीद है कि बुवाई का कार्य तेजी से पूरा होगा और फसलों की वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
