
Assam Flood News: असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। लगातार हुई बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले 24 घंटों में चराइदेव जिले में डूबने से दो और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद वर्ष 2026 में बाढ़ से संबंधित मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है।
5 जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 5 जिलों में अब भी 5,24,700 से अधिक लोग बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं।
हालांकि, पहले की तुलना में स्थिति में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। शनिवार को प्रभावित लोगों की संख्या लगभग 6.55 लाख थी, जो अब घटकर 5.24 लाख से अधिक रह गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में बाढ़ के निशान और नुकसान अब भी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
ASDMA के अनुसार—
- 4 जिलों में 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
- इन शिविरों में 37,724 से अधिक विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है।
भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा स्थानीय पुलिस प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हुई हैं।
763 गांव और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है।
ASDMA के अनुसार—
- 763 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
- लगभग 48,742.09 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कई गांवों में सड़कें जलमग्न होने से संपर्क टूट गया है और आवश्यक सेवाएं पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कें, तटबंध और पुल क्षतिग्रस्त
बाढ़ के कारण राज्य के कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर यातायात बाधित होने से राहत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
पशुधन को भी भारी नुकसान
बाढ़ का असर पशुपालन पर भी पड़ा है। पूरे राज्य में करीब 88,240 पालतू पशु और पोल्ट्री बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राज्य सरकार प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और हालात सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
