छात्र आंदोलन पर सरकार का बड़ा फैसला: CJP के दबाव के बाद बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

National News: छात्र और युवा आंदोलनकारियों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच हुई देर रात की बैठक के बाद महत्वपूर्ण प्रगति होने का दावा किया गया है। CJP के अनुसार, बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, संबंधित राज्य सरकारों की ओर से जारी आदेशों और उनके दायरे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

देर रात 1 बजे सौरव दास ने दी जानकारी

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देर रात करीब 1 बजे पोस्ट साझा कर बताया कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की।

दास के अनुसार, यह बैठक करीब 2 से 3 घंटे तक चली, जिसमें आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों और सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने बिहार सरकार के गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति की प्रति भी उन्हें सौंपी।

अन्य राज्यों पर भी जल्द निर्णय का दावा

सौरव दास के मुताबिक, बिहार और असम के अलावा अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी चर्चा हुई।

उन्होंने दावा किया कि—

  • CJP मंगलवार सुबह अन्य राज्यों में दर्ज मामलों और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की सूची सरकार को सौंपेगी।
  • सरकारी प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि अन्य राज्यों में भी बिहार और असम की तरह आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे।
  • यदि किसी राज्य में आदेश के बावजूद मामले वापस नहीं लिए जाते हैं, तो CJP सीधे संबंधित सरकारी अधिकारियों से संपर्क करेगी।

‘प्रदर्शनकारियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे’

सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन के पहले दिन से छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके समर्थन में काम करती रहेगी।

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