व्हाइट हाउस में ट्रंप की दो अहम बैठकें: नेतन्याहू और जेलेंस्की से अलग-अलग मुलाकात, मध्य पूर्व और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा

World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग बैठकें कीं। ये मुलाकातें ऐसे समय हुईं, जब मध्य पूर्व में इज़राइल-ईरान तनाव और यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर वैश्विक चिंताएं बनी हुई हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों बैठकें बंद कमरे में हुईं और उनकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। हालांकि, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इन्हें “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया।

ट्रंप-नेतन्याहू बैठक में ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा

व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहे। रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।

बैठक से पहले ट्रंप ने ईरान के कथित भूमिगत परमाणु प्रतिष्ठान से जुड़े मुद्दे पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी। बाद में नेतन्याहू कार्यालय द्वारा जारी तस्वीरों में ट्रंप और नेतन्याहू को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बैठक करते हुए देखा गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में लेबनान सीमा की सुरक्षा, हिज़्बुल्लाह से जुड़े मुद्दों और अब्राहम समझौते (Abraham Accords) के भविष्य पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई।

जेलेंस्की ने एयर डिफेंस और सैन्य सहायता का मुद्दा उठाया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ हुई बैठक में यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

उन्होंने पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल प्रणाली से जुड़े लाइसेंस और रक्षा सहयोग का मुद्दा भी उठाया, जिसे यूक्रेन रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

ड्रोन सहयोग और शांति प्रयासों पर भी हुई चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा उत्पादन, विशेषकर ड्रोन निर्माण में सहयोग, और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े संभावित शांति प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक के बाद जेलेंस्की कैपिटल हिल पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिकी सीनेटरों से भविष्य की सैन्य सहायता और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।

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