
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हवाई और सैन्य हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच, होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री सुरक्षा को लेकर भी तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चिंता गहरा गई है।
ईरान ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया
ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, इस दावे की अमेरिकी अधिकारियों ने स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री संकट गहराया
होरमुज़ जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है, इस समय गंभीर तनाव का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका और ईरान दोनों ने समुद्री गतिविधियों पर कड़े कदम उठाए हैं। जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और क्षेत्र में कई समुद्री घटनाओं की खबरें सामने आई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
कुवैत और जॉर्डन सहित खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों में स्थित कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं कुवैत, जॉर्डन और अन्य देशों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमलों से जुड़े सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित देशों की जांच जारी है।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ढांचे पर हवाई हमले किए हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, यज़्द, अहवाज़ और अन्य क्षेत्रों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जबकि अमेरिकी सेना का कहना है कि उसके हमले सैन्य लक्ष्यों तक सीमित हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर और अधिक पड़ सकता है।
