
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, उत्तरी इराक में एक निष्क्रिय किए जा रहे विस्फोटक उपकरण (Unexploded Ordnance) में विस्फोट होने से एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक घायल हुआ है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दावा किया।
CENTCOM ने अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि की
CENTCOM ने बताया कि 18 जुलाई को उत्तरी इराक में गिराए गए एक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ से जुड़े विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के दौरान विस्फोट हुआ। इस हादसे में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।
अमेरिकी सेना ने मृत और घायल सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई का दावा किया
घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य हमले किए हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना था, जिनसे होरमुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को खतरा बताया जा रहा है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, चाबहार और तबरीज़ क्षेत्रों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन हमलों के प्रभाव और नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
IRGC का जवाबी हमले का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कई हैंगरों पर मिसाइल हमले किए हैं।
IRGC ने यह भी दावा किया कि इन हमलों में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा और कई सैनिक हताहत हुए।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका या जॉर्डन की ओर से ऐसी किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
तेल टैंकरों पर हमले का भी दावा
ईरानी पक्ष ने यह भी दावा किया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया।
इसके साथ ही, बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावास ने क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श (Security Alert) जारी किया है।
तनाव चरम पर
मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है और आगे की घटनाओं का इंतजार कर रहा है।
संपादकीय नोट: इस समाचार में ईरान और IRGC से जुड़े कई सैन्य दावे शामिल हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे दावों को प्रकाशित करते समय स्पष्ट रूप से “ईरान का दावा”, “IRGC के अनुसार” या “अमेरिकी पक्ष ने पुष्टि नहीं की” जैसे शब्दों का प्रयोग करना पत्रकारिता की दृष्टि से आवश्यक है।
