ईरान की ‘हॉर्मुज़ चाल’ पर अमेरिका सख्त, ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

Donald Trump Ultimatum to Iran: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पिछले चार दिनों से दक्षिणी तटीय इलाकों में लगातार धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और चाबहार जैसे अहम बंदरगाह शहरों में भी जोरदार विस्फोट सुनाई दिए हैं। इन घटनाओं के चलते कुछ ही सप्ताह पहले दोनों देशों के बीच हुई युद्धविराम (सीज़फायर) की सहमति पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

इस बार विवाद का केंद्र स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में समुद्री मार्गों पर नियंत्रण है। ईरान ने हॉर्मुज़ के भीतर एक नया समुद्री मार्ग तैयार किया है और दावा किया है कि सभी जहाजों को उसी रास्ते से गुजरना होगा। दूसरी ओर, अमेरिका वहां अपना अलग समुद्री कॉरिडोर संचालित करना चाहता है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

ट्रंप का 24 घंटे का अल्टीमेटम

अमेरिका का आरोप है कि उसके द्वारा सुझाए गए मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को ईरान निशाना बना रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह आधिकारिक तौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए खुला घोषित करे। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। पहले भी युद्ध के दौरान इस मार्ग में हजारों जहाज फंस गए थे, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई थी।

अमेरिका की मांग

अमेरिका ने क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए ईरान को संदेश भेजते हुए कहा है कि वह सार्वजनिक रूप से घोषणा करे कि हॉर्मुज़ का समुद्री मार्ग सभी देशों के लिए खुला रहेगा। साथ ही, भविष्य में किसी भी व्यावसायिक जहाज को निशाना न बनाने की गारंटी भी दे।

अमेरिकी प्रशासन ने यह भी मांग की है कि हॉर्मुज़ की सभी शिपिंग लेनों को बिना किसी टैक्स या शुल्क के संचालित किया जाए। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हाल ही में हुए समझौते का उल्लंघन किया है। इस विवाद के समाधान के लिए ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान, ओमान और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बैठक होने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिकी हवाई हमले का दावा

इस बीच अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने पश्चिमी ईरान के बिजली संयंत्रों, पावर स्टेशनों और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले तटीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। अमेरिकी रक्षा विभाग का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की आर्थिक और तकनीकी क्षमता को कमजोर करना है, ताकि उसकी सैन्य गतिविधियों पर असर पड़े।

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