
Gujarat ATS Busts Terror Network: गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 5 और संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 2 जुलाई को इसी मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एटीएस के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों और पूछताछ के दौरान सामने आए सबूतों के आधार पर इन पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई। अदालत ने सभी आरोपियों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
2023 से ले रहे थे ऑनलाइन ट्रेनिंग, 8 बार किए IED परीक्षण
जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2023 से ऑनलाइन माध्यम से बम बनाने और IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने का प्रशिक्षण ले रहे थे।
उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से विस्फोटक सामग्री तैयार करने के लिए आवश्यक कच्चा सामान खरीदा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, फरवरी 2026 तक आरोपियों ने अलग-अलग सुनसान स्थानों पर 8 बार टाइमर आधारित IED विस्फोट के सफल परीक्षण किए थे।
जिहादी साहित्य, संगठन का झंडा और ₹1.30 लाख बरामद
एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से IED बनाने का सामान, लगभग 1.30 लाख रुपये, जैश-ए-मोहम्मद का झंडा तथा आतंकी संगठन से संबंधित कथित जिहादी साहित्य और सामग्री बरामद की है। जांच एजेंसियों ने इस सामग्री को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।

मदरसों में रहकर फैलाते थे कट्टरपंथी विचारधारा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी राज्य के विभिन्न मदरसों में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वहीं से वे कथित तौर पर उग्रपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करते थे और अन्य युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे पेन ड्राइव के माध्यम से कथित जिहादी भाषण और वीडियो साझा करते थे तथा गुप्त बैठकों में IED तैयार करने का प्रशिक्षण लेते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने कुछ अन्य छात्रों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया था।
अब तक 13 गिरफ्तार, जांच जारी
गुजरात ATS का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अब तक कुल 13 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर बाहरी फंडिंग के बजाय अपने बचाए हुए पैसों से कम मात्रा में विस्फोटक सामग्री तैयार कर परीक्षण किए। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनका कोई विशिष्ट लक्ष्य था या नहीं और क्या इस मॉड्यूल का किसी अन्य आतंकी साजिश से संबंध है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
