
Ex Agniveer CAPF Recruitment: अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) तथा राइफलमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को विशेष लाभ दिया जाएगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के माध्यम से इसकी जानकारी दी।
पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग श्रेणी, 50% पद आरक्षित
सरकार ने CAPF और असम राइफल्स की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग श्रेणी बनाई है। इस श्रेणी के तहत उपलब्ध कुल रिक्तियों में से 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य देश की सेवा कर चुके युवाओं को सुरक्षा बलों में आगे भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
आयु सीमा में 3 से 5 वर्ष की छूट
भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा को लेकर भी बड़ी राहत दी गई है।
- सभी पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट मिलेगी।
- अग्निपथ योजना की पहली बैच के पूर्व अग्निवीरों को 5 वर्ष तक की आयु छूट दी जाएगी, ताकि उन्हें भर्ती में अधिक अवसर मिल सकें।
शारीरिक परीक्षा और लिखित परीक्षा से छूट
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया के कई चरणों से छूट देने का भी निर्णय लिया है।
उन्हें निम्न चरणों से छूट मिलेगी:
- शारीरिक मानक परीक्षण (Physical Standards Test)
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test – PET)
- लिखित परीक्षा
सरकार का मानना है कि सेना में चार वर्ष की सेवा के दौरान अग्निवीर पहले ही इन सभी मानकों को पूरा कर चुके होते हैं।
‘एक्स अग्निवीर विंग’ का गठन
गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और करियर मार्गदर्शन के लिए ‘एक्स अग्निवीर विंग’ का गठन भी किया है। यह विंग सेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार और अन्य करियर अवसरों से जोड़ने में सहायता करेगा।
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की पहली बैच का चार वर्षीय कार्यकाल इसी वर्ष समाप्त होने जा रहा है, जिसके बाद बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीर इन भर्तियों के लिए पात्र होंगे।
स्थायी भर्ती बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन
इस बीच तीनों सेनाओं ने चार वर्ष बाद नियमित सेवा में शामिल किए जाने वाले अग्निवीरों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया है।
- वर्तमान व्यवस्था के अनुसार केवल 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर स्थायी सेवा में शामिल किया जाता है।
- भारतीय नौसेना ने इसे बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव दिया है।
- वहीं भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना ने इसे 50% तक बढ़ाने का सुझाव दिया है।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
