
Puri Rath Yatra 2026: ओडिशा के पुरी में गुरुवार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद अब तक करीब 2 लाख श्रद्धालु पुरी पहुंच चुके हैं।
भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित श्री गुंडिचा मंदिर तक भव्य यात्रा करेंगे।
शाम 4 बजे शुरू होगी रथ खींचने की परंपरा
रथयात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव द्वारा ‘छेरा पहरा’ (स्वर्ण झाड़ू से रथ की सफाई) की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के आगमन उपरांत शाम 4 बजे श्रद्धालु रथ खींचना शुरू करेंगे।
इससे पहले सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के तहत भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को मंदिर से निकालकर रथों पर विराजमान कराया जाएगा।
भारी बारिश के बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
रथयात्रा से एक दिन पहले पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को भी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
प्रशासन ने ग्रैंड रोड से बारिश का पानी निकालने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि रथयात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
13 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
रथयात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 13,000 सुरक्षाकर्मी, जिनमें ओडिशा पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल शामिल हैं, पूरे शहर में तैनात किए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू की गई है।
पिछले साल की भगदड़ से लिया सबक
पिछले वर्ष गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ में 3 श्रद्धालुओं की मौत और कई लोग घायल हो गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा रणनीति तैयार की है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और रथयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
