
World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य कार्रवाई रोककर कूटनीतिक वार्ता को प्राथमिकता देने की घोषणा के कुछ दिनों बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर सामने आई है। हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना है कि सभी मिसाइलों को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया।
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया।
CENTCOM ने कहा कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह वही अमेरिकी सैन्य अड्डा है जहां इसी महीने की शुरुआत में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।
ट्रंप-नेतन्याहू बैठक के कुछ घंटे बाद हमला
यह घटना वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई बैठक के कुछ घंटे बाद सामने आई।
बैठक से पहले ट्रंप ने दावा किया था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वार्ता विफल होती है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर हमले का दावा
दूसरी ओर, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर (Red Sea) में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है।
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि टैंकर को कथित तौर पर नाकेबंदी का उल्लंघन करने के कारण निशाना बनाया गया।
वहीं, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी (UKMTO) ने बताया कि दक्षिणी लाल सागर से गुजर रहे एक जहाज के पास विस्फोट की घटना हुई, लेकिन जहाज और उसके चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
