15 हजार की नौकरी, 20 करोड़ की संपत्ति… राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव के करीबी पर SIT की बड़ी कार्रवाई

Ram Mandir Chadhawa Theft Case 2026: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान एलएंडटी (L&T) से जुड़े बताए जा रहे महेश कुमार के खिलाफ कई अहम सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि महेश कुमार मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का करीबी सहयोगी था और उसके घर में किराए पर रहता था। इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लखनऊ ज़ोन के आईजी किरण एस. को भी सबूतों के साथ शिकायत सौंपी गई है।

15-18 हजार की सैलरी, लेकिन करोड़ों की संपत्ति

शिकायत के अनुसार, महेश कुमार की ड्यूटी राम मंदिर के दान कक्ष में नहीं थी। वह अकाउंट्स और टैलीशीट तैयार करने का काम करता था। उसकी मासिक सैलरी केवल 15 से 18 हजार रुपये बताई गई है, लेकिन आरोप है कि पिछले एक वर्ष में उसने करीब 20 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां खरीदी हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, अयोध्या के दर्शननगर, बस्ती, लखनऊ और प्रयागराज में उसके नाम या परिजनों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गई हैं।

चोरी का मामला सामने आते ही शुरू हुई संपत्ति खरीद

आरोप है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद महेश कुमार ने 12 जून को अपने गांव के पास गढ़हाराजा में करीब 90 लाख रुपये की छह बीघा जमीन खरीदी। इसके अलावा बेनीपुर गांव में भी अपने भाई, पत्नी, भाभी, बहन-बहनोई और भांजे के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका भाई किसी नौकरी या व्यवसाय में नहीं है, फिर भी उसके नाम पर बड़ी संपत्तियां दर्ज हैं।

एलएंडटी की सहयोगी कंपनी से जुड़ाव की आशंका

एलएंडटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनोद कुमार मेहता ने स्पष्ट किया है कि महेश कुमार उनकी कंपनी का कर्मचारी नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वह L&T Geo Structure नामक सहयोगी कंपनी में कार्यरत रहा होगा, जिसने राम मंदिर निर्माण के दौरान पाइलिंग का काम किया था। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव ने भी गिरफ्तारी से पहले दावा किया था कि इस कंपनी के कुछ कर्मचारी उसके घर में किराए पर रहते थे।

अंतिम रिपोर्ट में जुड़ सकते हैं नए नाम

एसआईटी की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अंतिम रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपी जाएगी। जांच टीम दोबारा अयोध्या जाकर राम मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों के बयान दर्ज करेगी। सूत्रों के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट में बैंक, ट्रस्ट, सुरक्षा व्यवस्था और दान गणना प्रक्रिया से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी आरोपी के रूप में शामिल किए जा सकते हैं।

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