
Chhota Udaipur News: गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के बोडेली के पास अल्हादपुरा गांव से गुजरने वाली नर्मदा नहर के 48 नंबर गेट पर प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। नहर के गेट का जॉइंट टूट जाने के बाद पानी के रिसाव को रोकने के लिए अधिकारियों ने अस्थायी रूप से लोहे की प्लेटें लगाई थीं, लेकिन पानी के भारी दबाव के कारण वे लोहे के गेट भी मुड़ गए। इस स्थिति से आने वाले दिनों में क्षेत्र में गंभीर जल संकट की आशंका बढ़ गई है।
लोहे के गेट भी मुड़े, स्थायी मरम्मत कब?
अल्हादपुरा गांव के पास नहर पर कुल छह गेट हैं, जिनमें से एक का जॉइंट अचानक टूट गया था। पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अस्थायी तौर पर लोहे की प्लेटें लगाकर व्यवस्था की थी। लेकिन नर्मदा नहर में पानी के अत्यधिक दबाव के कारण ये प्लेटें और गेट भी मुड़ गए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस गेट की स्थायी और सुरक्षित मरम्मत आखिर कब होगी?
कई गांवों और बोडेली शहर में पानी का संकट गहरा सकता है
यदि नर्मदा निगम इस गेट की स्थायी मरम्मत करता है, तो नियमानुसार नहर का पानी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में वणियाद्री फिल्टर जल योजना में नर्मदा का पानी पहुंचना बंद हो जाएगा। इसके कारण फिल्टर प्लांट प्रभावित होगा और उससे जुड़े कई गांवों के साथ-साथ बोडेली नगर पालिका क्षेत्र में भी पेयजल आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन और नर्मदा निगम के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी समस्या का समय रहते स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नर्मदा निगम कब तक गेट की मरम्मत कर संभावित जल संकट को टालने में सफल होता है।
